Navratri 2020 Second day : Maa Brahmcharini

आज नवरात्रि का दूसरा दिन है। नवरात्रि के दूसरे मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा की जाती है।  नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। हर देवी की अपनी कहानी विशेष है। यह कहानियां मनुष्य को जीवन की कठिनाइयों से निरंतर लड़ते रहने की प्रेरणी देती हैं। भक्त माता की पूजा करते हैं और नौ दिनों के कठिन व्रत रखते हैं। यह सकारात्मकता और समर्पण का त्योहार है।

मां ब्रह्मचारिणी से जुड़ी पौराणिक कथा-

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। यहां ब्रह्म का अर्थ तपस्या से है। शास्त्रों के अनुसार ब्रह्मचारिणी का अर्थ तप की चारिणी यानि तप का आचरण करने वाली बताया गया है। मां ब्रह्मचारिणी के एक हाथ में जप की माला है और बाएं हाथ में कमंडल है। नारद जी के आदेशानुसार भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए देवी ने वर्षों तक कठिन तपस्या की। एक हजार वर्षों तक माता ने सिर्फ फल-फूल खाकर जावन यापन किया। कठोर तप के दौरान देवी ने धूप, गर्मी, ठंड, बारिश सब कुछ सहा। अंत में उनकी तपस्या सफल हुई। मां ब्रह्मचारिणी की कृपा से सिद्धी की प्राप्ति होती है। तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम की वृद्धि के लिए देवी ब्रह्मचारिणी की उपासना की जाती है।

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