Navratri 2020 Day 6: Maa Katyayani

आज नवरात्रि का छठा दिन है. नवरात्रि (Navratri) के छठे दिन मां दुर्गा (Maa Durga) के स्‍वरूप माता कात्‍यायनी की पूजा की जाती है. मान्‍यता है कि मां कात्‍यायनी (Maa Katyayani) की पूजा करने से शादी में आ रही बाधा दूर होती है.

पौराणिक कथा

मान्‍यता है कि महर्षि कात्‍यायन की तपस्‍या से प्रसन्‍न होकर आदिशक्ति ने उनकी पुत्री के रूप में जन्‍म लिया था. इसलिए उन्‍हें कात्‍यायनी कहा जाता है. मां कात्‍यायनी को ब्रज की अधिष्‍ठात्री देवी माना जाता है. पौराणिक मान्‍यताओं के अनुसार गोपियों ने श्रीकृष्‍ण को पति रूप में पाने के लिए यमुना नदी के तट पर मां कात्‍यायनी की ही पूजा की थी. कहते हैं, मां कात्‍यायनी ने ही अत्‍याचारी राक्षस महिषाषुर का वध कर तीनों लोकों को उसके आतंक से मुक्त कराया था.

मां कात्यायनी का स्वरूप अत्यंत चमकीला और भव्य है. इनकी चार भुजाएं हैं. मां कात्यायनी के दाहिनी तरफ का ऊपर वाला हाथ अभय मुद्रा में और नीचे वाला वरमुद्रा में है. बाईं तरफ के ऊपरवाले हाथ में तलवार और नीचे वाले हाथ में कमल-पुष्प सुशोभित है. मां कात्‍यायनी सिंह की सवारी करती हैं.

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